CJP Statement On PM Modi: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मामले में सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि समस्या का समाधान केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार से होगा। पेपर लीक की जड़ रांका ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र की कमजोरी को दिखाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक में छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक कई लोग शामिल होते हैं, जो आर्थिक फायदे के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें पेपर लीक की संभावना ही खत्म हो जाए। https://twitter.com/AshutoshRanka/status/2080172536416055461 'मरहम नहीं, बीमारी का इलाज जरूरी' CJP प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना केवल घटना के बाद की कार्रवाई है, जबकि जरूरत उस व्यवस्था को बदलने की है जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने इसे चोट लगने के बाद मरहम लगाने जैसा बताया और कहा कि उनकी लड़ाई पेपर लीक के मूल कारणों के खिलाफ है। जवाबदेही की मांग तेज रांका ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय तक जाती है और जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे मामले दोहराते रहेंगे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। छात्रों का भी विरोध जारी नीट विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को पहले छात्रों की परेशानियां सुननी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। एक छात्र ने कहा कि लाखों युवा सड़कों पर हैं और वे शांतिपूर्ण तरीके से समाधान चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई की गई। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों को आंदोलन का रास्ता बदलने के लिए मजबूर न किया जाए। https://twitter.com/narendramodi/status/2080135258142617785 PM मोदी ने क्या किया ऐलान? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार फैसले ले रही है और यह कदम उसी दिशा में उठाया गया है। हालांकि, विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल घोषणाओं से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। नीट विवाद अब सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।यह संस्करण समाचार पोर्टल शैली में मौलिक भाषा और अलग संरचना के साथ तैयार किया गया है। ये भी पढ़ें: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब