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JPSC पेपर लीक मामले में ED की एंट्री, CID की FIR पर जांच शुरू

झारखंड JPSC पेपर लीक मामले में ED ने CID की FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर जांच शुरू की। छात्रों का आंदोलन जारी है, CBI जांच पर गतिरोध बना है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

JPSC Job Scam Case: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने CID में दर्ज FIR संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज की है। इसके बाद JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच का दायरा बढ़ गया है।

17वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलन

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार 17वें दिन जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में देवेंद्र नाथ महतो समेत छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। वहीं, छात्रों के एक संगठन ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन सीबीआई जांच की मांग पर सहमति नहीं बनने से वार्ता बेनतीजा रही।

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। बताया गया है कि CID ने तीनों सदस्यों को पेपर लीक और अन्य कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ के लिए समन भेजा था। अधिकारियों के मुताबिक अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त, जमाल अहमद से 12 अगस्त और अनिमा हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ प्रस्तावित है।

आयोग के अध्यक्ष भी छोड़ चुके हैं पद

JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते 22 जुलाई को इस्तीफा दे चुके हैं। मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। खियांग्ते से भी 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ हो चुकी है।

CBI जांच पर सरकार और छात्रों में टकराव

छात्रों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की है। छात्र नेता रवींद्र पासवान का कहना है कि उनकी ज्यादातर मांगें मानी गई हैं, जिसमें 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग भी शामिल है, लेकिन CBI जांच के बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।

CBI जांच पर गतिरोध जारी

वहीं, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं, लेकिन CBI जांच की मांग मानना संभव नहीं है। सरकार का तर्क है कि परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुई थी। अब ED की एंट्री के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और छात्रों का आंदोलन कब थमता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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