Kanwar Yatra Advisory: सावन के पहले दिन के साथ ही देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पूरे कांवड़ मार्ग पर 40 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी, अर्धसैनिक बल और होमगार्ड तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। हरिद्वार से दिल्ली यात्रा का मुख्य मार्ग हरिद्वार से शुरू होकर नारसन और पुरकाजी बॉर्डर के जरिए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है। इसके बाद कांवड़िए मुजफ्फरनगर, खतौली, मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तथा अन्य राज्यों की ओर बढ़ते हैं। इसके अलावा मेरठ-हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा की ओर जाने वाले मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहने की संभावना है। गंग नहर पटरी मार्ग पर विशेष रूप से पैदल और डाक कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। बॉर्डरों पर चौकसी दिल्ली में सीमापुरी, अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा, गाजीपुर, लोनी और चिल्ला बॉर्डर को प्रमुख प्रवेश द्वार बनाया गया है। राजधानी में कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए पूरे रूट को 12 सुपर जोन, 33 जोन और 120 सेक्टरों में बांटा गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि घाटों और नहरों पर जल पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। ड्रोन से निगरानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अकेले 25 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। उनके साथ पीएसी की 35 से ज्यादा कंपनियां और अर्धसैनिक बल की अतिरिक्त टुकड़ियां भी मौजूद रहेंगी। प्रमुख शिविरों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। वनवे ट्रैफिक व्यवस्था यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। कई मार्गों को निर्धारित अवधि के लिए वनवे घोषित किया गया है, ताकि कांवड़ियों को सुरक्षित और निर्बाध रास्ता मिल सके। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग डायवर्जन रूट तय किए गए हैं। https://twitter.com/dtptraffic/status/2082411984616931446 प्रशासन की एडवाइजरी प्रशासन ने यात्रा के दौरान कई सख्त प्रतिबंध भी लागू किए हैं। कांवड़ मार्ग पर शराब की दुकानें, नॉनवेज होटल और ढाबे बंद रहेंगे। डीजे पर तेज आवाज, भड़काऊ गीत और डाक कांवड़ वाहनों में तलवार, भाला या अन्य धारदार हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने तथा प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है, ताकि यात्रा सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। ये भी पढ़ें: लोकसभा में हंगामे के बीच पास हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन बिल