Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के 12वें दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में तीखी नोकझोंक, नारेबाजी और हंगामे के चलते सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, जबकि सरकार ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। सदन में भारी हंगामा लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को शुरू तो हुई, लेकिन हंगामे के कारण केवल करीब 19 मिनट ही चल सकी। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स संशोधन से जुड़े कुछ विधेयक सदन में पेश किए। इसके बाद लगातार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी दिनभर गतिरोध बना रहा। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद सदन स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन करीब 20 मिनट बाद फिर हंगामे के चलते रोकनी पड़ी। इसके बाद दोपहर 2 बजे सदन फिर चला, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण सामान्य कामकाज नहीं हो सका। खड़गे ने सरकार से मांगा जवाब राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक जमीन सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं मंदिर से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं, ऐसे में यदि चढ़ावे से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। खड़गे ने यह भी पूछा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई करने वाली केंद्रीय एजेंसियां जैसे ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुईं। उन्होंने सरकार से सदन में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। रिजिजू का विपक्ष पर तीखा हमला खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण के समय उसका विरोध किया था और अब वही दल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष "घड़ियाली आंसू" बहाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से सवाल पूछने से पहले विपक्ष को भगवान राम के प्रति अपने पुराने रुख के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। नारेबाजी के बीच दिनभर बाधित रही कार्यवाही राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा में नारेबाजी की। लगातार विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः राज्यसभा को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद में इस मुद्दे पर हुए टकराव ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर से जुड़ा यह विवाद आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है। ये भी पढ़ें: CM योगी की तस्वीर पर विरोध पड़ा भारी! सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र से निलंबित