Rahul Gandhi PC: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी प्रक्रिया, एंटी-इन्कंबेंसी और चुनाव आयोग को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी सरकार के खिलाफ समय के साथ एंटी-इन्कंबेंसी का असर देखने को मिलता है। उनके मुताबिक, लगातार चुनावी जीत के बावजूद कुछ राज्यों में यह प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। ‘एंटी-इन्कंबेंसी से कोई नहीं बचता’ राहुल गांधी ने कहा कि एंटी-इन्कंबेंसी भारत की राजनीति में एक मजबूत प्रभाव है, जो समय के साथ सरकारों के खिलाफ बनता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध के बाद उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी थी, लेकिन कुछ वर्षों के भीतर उनके खिलाफ भी राजनीतिक विरोध उभरा। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में भी एंटी-इन्कंबेंसी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने इराक और उत्तर कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं होती, वहां एंटी-इन्कंबेंसी का सवाल भी नहीं उठता। वोट और संविधान को लेकर जताई चिंता राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता का वोट लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनका दावा है कि अगर वोट की विश्वसनीयता प्रभावित होती है तो इसका असर संविधान, कानून और संस्थानों तक पड़ सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं के वोट की सुरक्षा करना है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गड़बड़ी से जुड़े सवाल लगातार उठ रहे हैं। https://twitter.com/RahulGandhi/status/2103020466814456240 CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधे निशाने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए और कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब रिपोर्टों में चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने पिछले 10 महीनों में कई मुद्दों पर अपनी असहमति दर्ज कराई थी। आगे की कार्रवाई का किया दावा राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के पास चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े तथ्य हैं और आने वाले समय में इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका की भी जांच की बात कही। हालांकि, राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी और सरकार की ओर से अलग रुख सामने आया है। बीजेपी ने चुनाव आयोग में अलग-अलग मतों को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, जबकि चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। राहुल गांधी ने एक दिन पहले सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा था कि संविधान के कथित दुश्मनों का पर्दाफाश हो गया है और न्याय होगा। इसके बाद उन्होंने गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी व्यवस्था को लेकर अपने आरोपों को विस्तार से रखा। ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की मोहलत, अभिजीत दीपके ने दी आंदोलन की चेतावनी