Umashankar Singh Passes Away: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक और पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही बलिया, रसड़ा और पूरे प्रदेश में उनके समर्थकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व भी समाप्त हो गया। किसान परिवार से सफर उमाशंकर सिंह का जन्म बलिया जिले के नगरा ब्लॉक स्थित खनवर गांव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी विद्यालय से प्राप्त की और छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने पूर्वांचल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2000 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के बाद वे जिला पंचायत अध्यक्ष बने और यहीं से उनका राजनीतिक सफर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा। तीन बार विधायक बने इसके बाद उन्होंने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्ष 2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर विधायक बने, जबकि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की। खास बात यह रही कि 2022 में उत्तर प्रदेश में बसपा को करारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उमाशंकर सिंह अपनी सीट बचाने में सफल रहे और पूरे प्रदेश में पार्टी के इकलौते विधायक बने। यही कारण था कि उन्हें बसपा का सबसे भरोसेमंद और मजबूत चेहरा माना जाता था। मायावती का भरोसा बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ उनका विशेष संबंध भी चर्चा का विषय रहा। बताया जाता है कि मायावती हर वर्ष उन्हें राखी बांधती थीं और उन्हें पार्टी के बेहद विश्वसनीय नेताओं में गिनती थीं। उमाशंकर सिंह को संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाना जाता था। नेताओं ने दी श्रद्धांजलि नके निधन पर मायावती ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने एक कर्मठ, ईमानदार और पूरी तरह समर्पित नेता खो दिया है। उन्होंने दिवंगत विधायक के परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उनके निधन को दुखद बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। बसपा को गहरा झटका उमाशंकर सिंह का निधन केवल एक विधायक का निधन नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति के एक प्रभावशाली चेहरे के अवसान के रूप में देखा जा रहा है। उनके जाने से बसपा को राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति हुई है। उनके समर्थकों का कहना है कि सादगी, जनसंपर्क और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगी। ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR पर मौसम का डबल अटैक! गुरुग्राम जलमग्न, IMD का ऑरेंज अलर्ट