उत्तर प्रदेशकानपुर

Government action: कानपुर देहात में सपा नेताओं पर बड़ी कार्रवाई: 25 नामजद समेत 200 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज

Government action: जनसमस्याओं को लेकर हुए प्रदर्शन पर प्रशासन का कड़ा रुख; पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र पाल मनु बोले– यह लोकतंत्र की आवाज दबाने और विपक्ष को डराने की तानाशाही साजिश है।

Reported by Manish Mishra and edited by Kashish Solanki

Government action : उत्तर प्रदेश के कानपुर  जिले से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। यहां जन-परेशानियाँ को लेकर जिला मुख्यालय पर शांति से   प्रदर्शन करने वाले समाजवादी पार्टी  के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर प्रशासन ने सख्त  करवाई की है । पुलिस ने सपा के 25 बड़े नेताओं सहित करीब 200 अनजान कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है । इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले के सपाइयों में भारी गुस्सा है।

पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र पाल मनु का तीखा हमला: पहले से दी गई थी अनुमति

भोगनीपुर विधानसभा से सपा के पूर्व उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता नरेंद्र पाल मनु ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और भारतीय जनता पार्टी  की सरकार पर सीधा निशाना किया   है। उन्होंने कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह से सियासी बैर और दबाव में दर्ज कराया गया है। मनु ने साफ़ किया कि इस प्रदर्शन की लिखित जानकारी और अनुमति प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। कार्यक्रम पूरी तरह नियंत्रित और शांतिपूर्ण था, न तो कहीं कोई हंगामा हुआ और न ही आम जनता का रास्ता  रोका गया, फिर भी कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा था।

​महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक को लेकर 11 जून को हुआ था प्रदर्शन

हैरानी है कि बात यह है कि 11 जून को बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय  पहुंचे थे। वहां सपाइयों ने जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे  बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के लिए यूरिया की किल्लत, लगातार हो रहे पेपर लीक और बढ़ी हुई बिजली दरों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और  राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र  प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा था।

विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप

सपा नेता नरेंद्र पाल मनु ने भाजपा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, “अगर जनता के हक की लड़ाई लड़ना और उनके मुद्दों को उठाना अपराध है, तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे। सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतारू है और विपक्ष की आवाज को लाठी-मुकदमों के दम पर दबाना चाहती है, लेकिन समाजवादी कार्यकर्ता इस डरने वाले नहीं हैं।” फिलहाल, मुकदमे के बाद जिले में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।

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