उत्तर प्रदेश

प्रभारी मंत्रियों का महा फेरबदल! योगी सरकार ने बदले जिलों, कई नए चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

योगी सरकार ने मंत्रियों के जिला प्रभार में बड़ा फेरबदल किया है। नए मंत्रियों को अहम जिम्मेदारियां मिली हैं, जबकि कई वरिष्ठ मंत्रियों के प्रभार क्षेत्र बदलकर नए राजनीतिक समीकरण साधे गए हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Yogi Government || Uttar Pradesh Cabinet || In-Charge Ministers || District Charge || UP News: योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में मंत्रियों के जिला प्रभार में बड़ा बदलाव करते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों को नया स्वरूप दिया है। हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए मंत्रियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कई वरिष्ठ मंत्रियों के प्रभार क्षेत्रों में भी फेरबदल किया गया है। इस कदम को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन और शासन व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश सरकार के नए आदेश के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को 25-25 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्यों किया गया ये फेरबदल?

10 मई 2026 को हुए योगी कैबिनेट विस्तार में शामिल किए गए कैबिनेट में मनोज पांडेय को सीतापुर का प्रभारी बनाया गया है। वरिष्ठ मंत्री भूपेंद्र चौधरी को आगरा के साथ कासगंज का अतिरिक्त प्रभार मिला है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल को फतेहपुर और सोमेंद्र तोमर को मुजफ्फरनगर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राज्य मंत्री कृष्णा पासवान को कौशांबी, कैलाश सिंह राजपूत को एटा, सुरेंद्र दिलेर को बुलंदशहर और हंसराज विश्वकर्मा को सोनभद्र जिले का प्रभारी बनाया गया है।

फेरबदल में कई वरिष्ठ मंत्रियों के प्रभार भी बदले गए हैं। सूर्य प्रताप शाही को अयोध्या और बस्ती, सुरेश खन्ना को वाराणसी और लखनऊ, स्वतंत्र देव सिंह को प्रयागराज और गोरखपुर, बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस, जबकि जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद की जिम्मेदारी दी गई है।

2027 विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी

सरकार का मानना है कि नए जिलों की जिम्मेदारी मिलने से मंत्री स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। राजनीतिक जानकार इस बदलाव को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय संतुलन, संगठनात्मक मजबूती और प्रशासनिक प्रभाव बढ़ाने की तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि नए प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में सरकार की योजनाओं को कितना प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार पाते हैं।

ये भी पढ़ें: फाजिलनगर अब कहलाएगा पावागढ़! ‘मच्छर और माफिया दोनों खत्म’, योगी का विपक्ष पर तीखा वार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »