उत्तर प्रदेश

‘आरक्षण खत्म करने की साजिश?’ मायावती का BJP-कांग्रेस पर बड़ा हमला

मायावती ने भाजपा-कांग्रेस पर Gen-Z की समस्याओं, बेरोजगारी और आरक्षण को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरक्षण कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाते हुए युवाओं से राजनीतिक दलों से सावधान रहने की अपील की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Mayawati BSP: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। बहुजन समाज पार्टी ने भी अपनी चुनावी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। हाथरस के सादाबाद में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की जनसभा के बाद अब पार्टी प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी, आरक्षण, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों को घेरा।

Gen-Z की परेशानी पर मायावती ने उठाए सवाल

मायावती ने कहा कि देश का Gen-Z यानी युवा वर्ग अपनी शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर परेशान है। उनके मुताबिक, छात्र और नौजवान अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार इन चिंताओं का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रही है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे आंदोलनों में युवाओं की वास्तविक समस्याएं सामने आती हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल इन आंदोलनों को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। बसपा प्रमुख ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज जरूर उठाएं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के हाथों का मोहरा न बनें।

आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना

मायावती ने दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर हो रही है और इसे और निष्प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करने और निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने से आरक्षण का लाभ सीमित हो सकता है। मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है, लेकिन उनका कहना है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। मायावती ने दावा किया कि बसपा सरकार के दौरान सरकारी सहयोग से स्थापित उद्योगों में भी आरक्षण लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए थे।

दलितों को फिर लाचार बनाने की कोशिश

बसपा प्रमुख ने भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के हितों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इन वर्गों से सतर्क रहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने की अपील की। मायावती ने कहा कि बसपा की सरकारों में सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार किया गया और पार्टी सर्वसमाज के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हितों की बात करती रही है।

संसद में हंगामे पर भी सवाल

मायावती ने संसद की कार्यवाही को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों पर लगातार टकराव के कारण जरूरी जनहित के विषय पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने संभावना जताई कि सरकारों की कमियों और जनता से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच किसी तरह की अंदरूनी समझ हो सकती है। हालांकि, यह मायावती द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है।

युवाओं को मायावती की खास अपील

मायावती ने देशभर के छात्रों, नौजवानों और Gen-Z से कहा कि वे अपने मुद्दों को लेकर जागरूक रहें और राजनीतिक दलों के कथित स्वार्थ से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए, लेकिन किसी पार्टी को उनके मुद्दों का राजनीतिक फायदा नहीं उठाने देना चाहिए। अब यूपी में 2027 के चुनाव से पहले बसपा की सक्रियता बढ़ने के साथ यह देखना अहम होगा कि मायावती के इन मुद्दों का चुनावी राजनीति पर कितना असर पड़ता है और भाजपा-कांग्रेस की ओर से उनके आरोपों पर क्या जवाब आता है।

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