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चढ़ावा चोरी’ मुद्दे पर चर्चा को सरकार तैयार, क्या अमित शाह देंगे जवाब?

संसद में जारी गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले हैं। सरकार छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर चर्चा और अमित शाह के जवाब को तैयार है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के 17वें दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले हैं। लगातार हंगामे के कारण प्रभावित हो रही सदन की कार्यवाही के बीच सरकार ने विपक्ष के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए सहमति जताई है। इनमें छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी या दुरुपयोग का मामला शामिल है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त तक चलना है। सत्र के अब अंतिम कुछ दिन ही बाकी हैं, ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों पर महत्वपूर्ण विधायी काम पूरा करने का दबाव है। पिछले कई दिनों से विपक्ष के हंगामे के चलते प्रश्नकाल और दूसरी कार्यवाही प्रभावित रही है।

NDA ने बनाई आखिरी दिनों की रणनीति

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA सांसदों की साप्ताहिक बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत NDA के सांसद शामिल हुए। बैठक में सत्र के बचे हुए दिनों में सदन को सुचारू रूप से चलाने, महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने और विपक्ष के विरोध के बीच सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई। सांसदों से एकजुट रहने और जरूरी विधायी कार्यों में सहयोग करने को कहा गया।

छात्रों के मुद्दे पर सरकार चर्चा को तैयार

विपक्षी दल छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के कई दल इस मुद्दे को सदन में उठाते रहे हैं। सरकार का कहना है कि इस विषय पर चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी कह चुके हैं कि गृह मंत्री जवाब देंगे, लेकिन इसके लिए सदन में शांतिपूर्ण माहौल जरूरी है।

अब राम मंदिर चढ़ावे पर भी चर्चा की तैयारी

छात्रों के मुद्दे के बाद सरकार राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी या दुरुपयोग के आरोपों पर भी चर्चा के लिए तैयार बताई जा रही है। विपक्ष इस मामले को लेकर भी गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है। यानी लंबे समय से हंगामे में फंसी संसद की कार्यवाही को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने विपक्ष के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा का रास्ता खोल दिया है।

FCRA बिल पर विपक्ष में ही मतभेद

इसी बीच FCRA संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस इसे वापस लेने की मांग कर रही है, जबकि TMC, DMK और BJD इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। इससे पहले हंगामे के बीच लोकसभा में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल 2026 बिना विस्तृत बहस के पारित हुआ, जबकि राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 को मंजूरी मिली।

अब सत्र के आखिरी दिनों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच बनी यह सहमति वास्तव में संसद का गतिरोध खत्म कर पाएगी, या फिर एक बार फिर सदन हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?

ये भी पढ़ें: ‘मंगल मिलन’ में तिरंगे के साथ NDA का शक्ति प्रदर्शन, बैठक में क्या बनी रणनीति?

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