Noida Authority: लगातार हो रही बारिश के बीच नोएडा प्राधिकरण ने शहर में संभावित हादसों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अलग-अलग सेक्टरों में जर्जर मकानों और नालियों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू करते हुए प्राधिकरण ने 378 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। संबंधित मकानों और भूखंडों के बाहर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं और निर्धारित समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 128 जनता फ्लैट बेहद जर्जर हालत में प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-31 के सी ब्लॉक स्थित 128 जनता फ्लैट बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। इन भवनों को पहले ही अगस्त 2025 में असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। अब फ्लैटों में रहने वाले लोगों को तत्काल मकान खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भवनों की खराब स्थिति को देखते हुए किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जर्जर मकानों से खतरा नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि भवनों का उचित रखरखाव नहीं किया गया है और कई स्थानों पर स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण भी किया गया है। इसी कारण इमारतों की मजबूती प्रभावित हुई है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द इन भवनों को खाली कर दें। जलनिकासी में बाधा इसके साथ ही सेक्टर-14, 15 और 19 में नालियों पर बनाए गए रैंप, स्लैब और अन्य अतिक्रमणों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हाल की बारिश में इन इलाकों में जलभराव की शिकायतों के बाद निरीक्षण कराया गया, जिसमें पाया गया कि अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। इसी वजह से संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मामला धारा-10 के तहत कार्रवाई में बदल जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित संपत्ति के रिकॉर्ड पर नोटिस दर्ज कर दिया जाएगा और नोटिस प्रभावी रहने तक उस संपत्ति से जुड़े किसी भी प्रकार के प्राधिकरणीय कार्य, जैसे नक्शा पास कराना या अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करना, संभव नहीं होगा। सुरक्षा और जलनिकासी सुधार नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई लोगों की सुरक्षा और शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि मानसून के दौरान किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। ये भी पढ़ें: पानी की समस्या को लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निवासियों का प्रदर्शन