उत्तर प्रदेशनोएडा

ग्रेटर नोएडा में आग बुझाते वक्त दीवार गिरने से 2 फायरकर्मियों की मौत, 3 घायल, 500 कर्मचारियों का किया रेस्क्यू

ग्रेटर नोएडा की ILGIM कंपनी में आग बुझाने पहुंचे पांच फायरकर्मी दीवार गिरने से दब गए। हादसे में दो जवानों की मौत हुई, तीन घायल हैं। 500 कर्मचारियों को बचाया गया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Noida Fire: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां आग बुझाने और लोगों की जान बचाने पहुंचे दो फायरकर्मियों की मौत हो गई। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने वाली कंपनी में लगी भीषण आग के दौरान अचानक दीवार और भारी लोहे का बीम गिर गया, जिसकी चपेट में पांच फायरकर्मी आ गए। हादसे में दो जवानों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य घायल हैं।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 3 बजे की है। ईकोटेक-3 इलाके में स्थित ILGIM कंपनी में अचानक आग लग गई थी। कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक चिप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण किया जाता है। आग लगने के समय नाइट शिफ्ट में करीब 500 कर्मचारी काम कर रहे थे। आग और धुएं का गुबार देखकर कंपनी में अफरा-तफरी मच गई।

500 कर्मचारियों का रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। फायरकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर न सिर्फ आग बुझाने का काम शुरू किया, बल्कि कंपनी में फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया। करीब 500 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

आग पर काबू पाने के दौरान हुआ बड़ा हादसा

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश जारी थी। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे कंपनी के एक हिस्से की दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से पांच फायरकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन रोहित यादव, मनीष कुमार और अमित कुमार के रूप में हुई। सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

दो बहादुर जवानों की मौत

इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों जवानों को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। वहीं, घायल राजपाल सिंह, मनीष कुमार और अमित कुमार का इलाज जारी है। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हादसे की जांच में जुटी पुलिस

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था और मानकों के पालन की भी जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर उन फायरकर्मियों की बहादुरी को सामने ला दिया है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।

ये भी पढ़ें: बुखार का इलाज, बिल में कोविड और पथरी… नोएडा के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप

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