Government Schools : बच्चे अक्सर आस-पास के गलत व्यवहार को नहीं समझ पाते या डर के मारे चुप रहते है । इन्हीं बच्चों को इस खामोशी से निकालने और सुरक्षित वातावरण देने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने एक बेहतर और जरूरी पहल आरंभ की है। (Government Schools ) ग्रेटर नोएडा और आसपास के सभी सरकारी स्कूलों में अब कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को निजी सुरक्षा, 'गुड टच-बैड टच' और कठिन परिस्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए जाएंगे। ख़ास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने इसे पहली बार अपने शैक्षणिक कैलेंडर में औपचारिक रूप से शामिल किया है, मतलब अब यह बच्चों की नियमित शिक्षा का एक हिस्सा होगा। जिले के 511 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 90 हजार छात्र-छात्राओं को इस मुहिम के तहत जागरूक किया जाएगा। खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे इस विषय पर बातचीत में अक्सर संकोच होता है, लेकिन स्कूल के शिक्षक बच्चों को बहुत आसान , खेल-खेल में और संवेदनशील शब्दों में समझाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल पंवार ने कहा कि इस पहल का असली उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। (Government Schools ) शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से ले और बच्चों के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि वे निडर होकर अपनी बात रख सकें। इन 5 बुनियादी बातों पर रहेगा पूरा फोकस शिक्षकों द्वारा बच्चों को इन महत्वपूर्ण कड़ियों के बारे में मुख्य रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा: स्पर्श का फर्क : 'अच्छा स्पर्श' और 'बुरा स्पर्श' के बीच पहचान बनाना। निजी क्षेत्र का ज्ञान: अपने निजी अंगों की रक्षा और व्यक्तिगत सीमाओं का ज्ञान होना। दृढ़ता से "ना" कहना: किसी भी असहज परिस्थिति में बिना किसी भय के जोर से "नो" या "नहीं" कहना और वहां से तुरंत निकल जाना। विश्वसनीय साथी तलाशना: माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से तुरंत अपनी बातें बताना। मदद के लिए संपर्क: आपातकाल में चाइल्ड हेल्पलाइन और अन्य सहायता सेवाओं का उपयोग कैसे करें। यह कदम न केवल बच्चों को सजग करेगा, बल्कि उन्हें एक ऐसा सुरक्षा जाल भी प्रदान करेगा जिससे वे समाज में खुद को अधिक सुरक्षित अनुभव कर सकें। ये भी पढ़े : विकास का ब्लूप्रिंट तैयार, 24 परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी