DM Action : नागरिको की समस्याओं के समाधान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ महोबा की जिलाधिकारी (DM) श्रीमती गजल भारद्वाज ने एक बड़ा सख्त कदम उठाया है। (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से निपटारो को लेकर जनता से मिल रहे लगातार खराब फीडबैक के बाद, डीएम ने (DUDA) कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। डीएम कार्यालय रोज खुद ले रहा है जनता से फीडबैक जिलाधिकारी ने व्यवस्था को ठीक करने के लिए एक नई शुरूआत की है, जिसके अंदर डीएम कार्यालय से रोजाना खुद 10 शिकायतकर्ताओं को फोन कर के फीडबैक ले रही है। इसी दौरान डूडा कार्यालय की शिकायतों को लेकर जनता ने भारी नाराज़गी जताई है। इसके बाद वास्तविकता जानने के लिए डीएम खुद दफ्तर पहुंची। वहां उन्होंने उपस्थिति हिसाब-किताब, फाइलों के रख-रखाव के साथ-साथ पीएम आवास योजना (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की प्रगति की गहन निरीक्षण किया । लापरवाही पर पीओ डूडा और बिना बताए गायब कर्मी की रुकी सैलरी निरीक्षण के दौरान कार्यों में भारी लापरवाही पाई गई। इस पर कड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से परियोजना अधिकारी (PO) डूडा का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके सिवा, जांच के दौरान सीएलपीसी (CLPC) अर्पित पांडे बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर से गायब मिले, जिस पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम ने उनका भी वेतन रोकने का आदेश दिए है। डीएम गजल भारद्वाज की सख्त चेतावनी जिलाधिकारी ने खुद शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात की और अधिकारियों को हर हाल में समस्या सुलझाने के आदेश दिए। उन्होंने साफ शब्दो में कहा, "सभी लंबित मामलों का निपटारा तुरंत किया जाए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचे। काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने रिकॉर्ड दुरुस्त रखें और जनता की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर सुनें, ताकि किसी को भी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। ये भी पढ़े : महोबा में पुलिस भर्ती परीक्षा का हाई अलर्ट मॉनिटरिंग, अंतिम दिन ADG का अचानक निरीक्षण