KANPUR NEWS : कानपुर में शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। नरवल थाना क्षेत्र के दीपापुर गांव में ग्राम समाज की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ पहुंची थी। जैसे ही JCB मशीन ने निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की, मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। विरोध इतना बढ़ गया कि कई महिलाएं और युवतियां हाथों में ईंट लेकर JCB के सामने खड़ी हो गईं। महिलाओं ने मशीन को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। देखते ही देखते मौके पर तनाव का माहौल बन गया और करीब तीन घंटे तक गांव में हंगामे की स्थिति बनी रही। मामला बढ़ता देख भारी पुलिस फ़ोर्स मौके पर तैनात मामला बढ़ता देख तहसीलदार और नरवल थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद स्थिति पर काबू पाया गया और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कराई। प्रशासन का कहना है कि दीपापुर गांव में ग्रामसभा की जमीन पर कुछ लोगों की ओर से निर्माण कराया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित लोगों को पहले ही निर्माण रोकने के निर्देश दिए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। इसी शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची थी। रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद वहीं, ग्रामीण इस कार्रवाई को लेकर अलग कहानी बता रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब तीन फीट चौड़े रास्ते को लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा है। ग्राम प्रधानपति हीरालाल ने आरोप लगाया कि प्रशासन की टीम ने बिना पर्याप्त सूचना दिए JCB से निर्माण गिराना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि रामनारायण पाल, संदीप पाल समेत तीन लोगों ने अपनी जमीन पर बाउंड्री का निर्माण कराया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान JCB से गिरा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के मालिकाना हक को लेकर पहले से विवाद है और संबंधित जमीन पर कई लोग अपना दावा करते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी क्षेत्र के करीब 200 मीटर हिस्से में पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। उनके मुताबिक, उस समय तत्कालीन एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा के निर्देश पर चकबंदी अधिकारियों और नरवल पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई थी। ग्राम समाज की जमीन बेचने का आरोप विवाद के बीच ग्रामीणों ने मेवालाल नाम के व्यक्ति पर ग्राम समाज की जमीन को कथित तौर पर करीब चार लाख रुपये में बेचने का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन को लेकर काफी समय से विवाद है और इसी वजह से गांव में कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है। हालांकि, इन आरोपों की प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किसी निजी विवाद के आधार पर नहीं, बल्कि ग्रामसभा की जमीन पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण के खिलाफ की गई है। महिलाओं के विरोध से मौके पर बढ़ा तनाव कार्रवाई के दौरान महिलाओं के JCB के सामने आ जाने से पुलिस के सामने स्थिति संभालना चुनौती बन गया। हाथों में ईंट लेकर खड़ी महिलाओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस ने उन्हें पीछे हटने और सरकारी कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की, लेकिन काफी देर तक विरोध जारी रहा। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक की सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को कार्रवाई की जानकारी दी और सरकारी काम में बाधा नहीं डालने की चेतावनी दी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। विरोध करने वालों पर FIR की तैयारी नरवल एसडीएम सत्यपाल प्रजापति के मुताबिक, ग्रामसभा की भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने की जानकारी मिली थी। निर्माण रोकने के निर्देश के बावजूद काम जारी रहने पर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। एसडीएम ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने सरकारी काम में बाधा डालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से अब सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फिलहाल कार्रवाई पूरी होने के बाद गांव में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।