उत्तर प्रदेश

IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, क्या मिर्जापुर से लड़ने वाली है चुनाव?

नोएडा सेक्टर-22 में घर के बाहर फोन पर बात कर रहे पत्रकार से बाइक सवार बदमाश मोबाइल झपटकर फरार हो गए। CCTV में वारदात कैद, पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठे।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

IAS officer Divya Mittal: यूपी कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर मुहर लग गई है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जो 15 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से यह फैसला लिया है। आज से वह प्रशासनिक कार्यों की ड्यूटी से फ्री हो गई हैं।

इस्तीफा हुआ मंजूर

दिव्या मित्तल आज से प्रशासनिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त हो गई हैं। उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या का इस्तीफा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने स्वीकार्य करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उनका इस्तीफा आज 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। दिव्या ने 30 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। अब उनके अगले कदम पर अटकलें लगाई जा रही हैं।

सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी जानकारी

दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स के जरिए सार्वजनिक की थी। इससे पहले मई 2026 में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। डीएम पद से हटाए जाने के बाद से ही उनके प्रशासनिक दायित्व को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। बाद में उन्होंने सेवा छोड़ने का फैसला लिया।

मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती

आईएएस बनने के बाद मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती मिली थी। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात रहीं। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रहीं। संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। बीच में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाली।

IITऔर IIM में भी पढ़ाई

दिव्या मित्तल का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी में 23 नवंबर 1983 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई के बाद आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। गगनदीप के साथ शादी के बाद दोनों लंदन चले गए। जहां एक कंपनी में जॉब की। बाद में लाखों की सैलरी वाली नौकरी छोड़ देश सेवा के लिए दोनों भारत आ गए और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। 2021 में पति गगनदीप और 2013 में दिव्या मित्तल ने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी।

तरह-तरह की चर्चाएं

दिव्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक चर्चा उनके मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की भी है। इस्तीफा देते समय भी उन्होंने मिर्जापुर को ही याद किया था। यहां की एक बुजुर्ग मां को याद किया था। उन्होंने अपनी पोस्ट लिखा था कि आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोलीं, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।

वहीं प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उनकी सक्रिय कार्यशैली और जनता के बीच उनकी पहचान को देखते हुए उनके राजनीति में आने की चर्चा पहले भी होती रही है। अगर वह 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरती हैं तो मिर्जापुर की सियासत में एक नया और चर्चित चेहरा सामने आ सकता है। हालांकि, फिलहाल चुनाव लड़ने की चर्चा को सिर्फ सियासी अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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