उत्तर प्रदेशकानपुर

वाहनों पर ‘पुलिस’ और ‘प्रेस’ लिखना लोगों पर पड़ा भारी, 63 वाहनों के कटे चालान

कानपूर में गाड़ी पर प्रेस, पुलिस या अधिवक्ता लिखकर रौब झाड़ने वालों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में पुलिस ने अचानक चेकिंग शुरू कर दी और प्रेस, पुलिस या अधिवक्ता लिखे वहानों की जांच कर दस्तावेज नहीं दिखाने वालों के चालान काटे।

Reported by Vartika Singh and edited by Vartika Singh

Kanpur Police: कानपुर मे वाहनों पर प्रेस, पुलिस या अधिवक्ता लिखकर रौब दिखाना अब आसान नहीं होगा। कानपुर में कमिश्नरेट पुलिस ने ऐसे वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में पुलिस ने अचानक चेकिंग शुरू कर दी, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने साफ कर दिया कि गलत तरीके से विशेष पहचान का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान पुलिस की टीमें ऐसे वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों के साथ-साथ वाहन मालिक और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी का सत्यापन कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, अब तक 63 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।

कई इलाकों में चला चेकिंग अभियान

कानपुर पुलिस ने दोपहर करीब 12 बजे से एक बजे तक शहर के कई प्रमुख इलाकों में विशेष अभियान चलाया। स्वरूप नगर, बजरिया, सीसामऊ, जरीब चौकी, टाटमिल, घंटाघर, गुमटी, फजलगंज, विजयनगर, काकादेव, रावतपुर, गुरुदेव चौराहा, कल्याणपुर, चकेरी, गोविंद नगर, बर्रा और किदवई नगर समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने वाहनों को रोककर जांच की। इस दौरान सबसे ज्यादा फोकस उन वाहनों पर रहा, जिन पर प्रेस, पुलिस और अधिवक्ता जैसे शब्द लिखे हुए थे। पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों से उनकी पहचान और संबंधित दस्तावेज मांगे।

पहले दिन 63 वाहनों के काटे चालान

पुलिस के अनुसार, अब तक की चेकिंग में 63 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा चुकी है। अभियान के दौरान दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी देखा जा रहा है कि वाहन पर प्रदर्शित पहचान या पदनाम नियमों के अनुरूप है या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी वाहन में कोई आपत्तिजनक, नियम विरुद्ध या संदिग्ध सामग्री मिलती है और उसके संबंध में कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कागजात, चालक और वाहन स्वामी का मिलान

जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा के अनुसार, अभियान का उद्देश्य उन वाहनों की जांच करना है, जिन पर बिना वैध अधिकार या नियमों के पुलिस अथवा प्रेस लिखा गया है। चेकिंग के दौरान वाहन के कागजात, चालक और वाहन स्वामी की जानकारी का मिलान किया जा रहा है। पुलिस यह भी देख रही है कि वाहन पर लिखे गए शब्द या लगाए गए चिन्ह का इस्तेमाल किसी तरह की अनुचित गतिविधि के लिए तो नहीं किया जा रहा।

सत्यापन करने के बाद कार्रवाई

अभियान के दौरान पुलिस टीमों की नजर विशेष रूप से ऐसे वाहनों पर है, जिन पर पुलिस, प्रेस अथवा किसी अन्य संस्था का नाम इस तरह प्रदर्शित किया गया है, जिससे वाहन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि केवल किसी संस्था का नाम वाहन पर लिखे होने के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोप नहीं लगाया जा रहा, बल्कि वाहन और संबंधित व्यक्ति का सत्यापन करने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

लगातार जारी रहेगी चेकिंग

पुलिस का कहना है कि अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं है। वाहनों और उनके इस्तेमाल की वास्तविक स्थिति की जांच भी की जा रही है, ताकि किसी संस्था या विभाग की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने की स्थिति को रोका जा सके। कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी अलग-अलग स्थानों पर इस तरह की चेकिंग जारी रहेगी। पुलिस का फोकस ऐसे वाहनों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर है।

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