ECI Meeting: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी ने शनिवार, 26 सितंबर को बैठक की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब चुनाव आयोग के भीतर SIR और Form-6 को लेकर मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि आयोग ने कहा है कि उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। SIR नोटिस पर बदला तरीका आयोग ने तय किया कि SIR के दौरान नोटिस पाने वाले लोगों को सामान्य तौर पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर BLO संबंधित व्यक्ति के घर जाकर दस्तावेज जुटा सकेंगे। आयोग ने अधिकारियों को गरीबों, मजदूरों, बेघरों और रैन बसेरों में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क लगाने के भी निर्देश दिए हैं। Form-6 को लेकर आयोग की सफाई Form-6 से जुड़े विवाद पर आयोग ने दोहराया कि SIR के तहत आवेदन के साथ घोषणा-पत्र की व्यवस्था बरकरार है। ECI पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि Form-6 में मूल बदलाव नहीं किया गया, बल्कि SIR के संदर्भ में अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया है। आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस व्यवस्था को बरकरार रखा है। ECINET की होगी समीक्षा बैठक में ECINET की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त और स्वतंत्र IIT/IIM विशेषज्ञों की समिति बनाने का फैसला किया गया। आयोग ने यह भी तय किया कि उसकी बैठकों का एजेंडा पहले से भेजा जाएगा और बैठक की कार्यवाही दर्ज की जाएगी। इसके अलावा अधिकारियों की वार्षिक APAR प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी करने और अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया। छूटे वोटरों के लिए मौका आयोग ने कहा कि SIR पूरा होने के बाद भी जिन पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे निरंतर अपडेटेशन के तहत संबंधित ERO के पास आवेदन कर सकते हैं। इसमें पहली बार वोट देने वाले युवा भी शामिल हैं। CEOs, DEOs और EROs को ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर, जबकि महाराष्ट्र में यह समयसीमा 12 अक्टूबर तय की गई है। ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को CJP की अंतिम चेतावनी, कल तक इस्तीफा नहीं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन