Banda Illegal Mining: उत्तर परदेश में बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव में कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। गांव के किसानों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के कारण उनकी कृषि भूमि बर्बाद हो रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब छह महीनों से वे प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार लिखित शिकायतें देने, रजिस्ट्री भेजने और सोशल मीडिया व मीडिया के माध्यम से मामला उठाने के बावजूद खनन गतिविधियां लगातार जारी हैं। शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ट्रैक्टरों और मशीनों के जरिए खनन कराया जा रहा है। किसानों का दावा है कि जब भी वे शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करते हैं, उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों को दबा दिया जाता है और सुनवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अवैध खनन की वजह से खेतों की उपजाऊ मिट्टी लगातार हट रही है, जिससे जमीन बंजर होने लगी है। खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। डरा धमका कर करवा देते है चुप किसानों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है और झूठे मुकदमों में फंसाने की चेतावनी दी जा रही है। इससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। अब ग्रामीणों ने एक बार फिर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। गांव के कई किसान इस शिकायत में शामिल होकर प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। ये भी पढ़ें: Drowning Incident: नदी में नहाने गए 3 मासूम बच्चों की डूबने से मौत, गांव में पसरा मातम