Anganwadi workers protest: गाजियाबाद में पोलियो वायरस मिलने के बाद जिले में 28 जून से विशेष पोलियो अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इससे पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी कुछ मांगों को लेकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। अहम भूमिका का किया जिक्र महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला मंत्री कुंता मावी ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक मेहनत की है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं के सहयोग से ही देश वर्ष 2011 में पोलियो मुक्त बना था। सुपरवाइजर न बनाए जाने पर नाराजगी संघ के अनुसार, पहले पोलियो अभियान में सुपरवाइजर का काम संभाल चुकी करीब 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस बार वैक्सीनेटर की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसे वे पदावनति के तौर पर देख रही हैं और उन्हें फिर से पहले वाली जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। घरों की संख्या बढ़ने से बढ़ी चिंता कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले एक टीम को रोजाना 100 से 140 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य मिलता था। इस बार यह संख्या बढ़ाकर 300 घर कर दी गई है। वहीं, एक सुपरवाइजर के अधीन टीमों की संख्या भी पहले से ज्यादा कर दी गई है। 1800 घरों पर नजर रखना मुश्किल संघ का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत एक सुपरवाइजर को प्रतिदिन करीब 1800 घरों की निगरानी करनी होगी। उनके मुताबिक इतने बड़े क्षेत्र पर प्रभावी निगरानी कर पाना आसान नहीं है। इसी वजह से वे पहले की तरह अभियान चलाने की मांग कर रही हैं। पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पोलियो अभियान को पुराने ढर्रे पर चलाया जाए और जिन कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद से हटाया गया है, उन्हें फिर से उसी जिम्मेदारी पर तैनात किया जाए। ज्ञापन देने के दौरान संगठन की कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। ये भी पढ़े : SP का GIMS कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन, DM कार्यालय पर हंगामा