Uttar Pradesh Elections 2027 : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पार्टी ने राज्य के छह जिलों में, गौतमबुद्ध नगर सहित, बड़े बदलाव करते हुए पहले से मौजूद अनुभवी चेहरों को आगे बढ़ाया है। इसी रणनीति के तहत नरेश गौतम को एक बार फिर से गौतमबुद्ध नगर का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि इस निर्णय से एक ओर पार्टी में हुई भगदड़ और वरिष्ठ नेताओं के दल-बदल को रोकने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार होगा। मेरठ मंडल में संगठन संभालने की चुनौती प्रशासनिक बदलाव के अंतर्गत बसपा ने अपने पूर्व जिलाध्यक्षों लखमी सिंह, सूरज पाल और दीपक बौद्ध को प्रमोट करके मेरठ मंडल का मुखिया नियुक्त किया है।दरअसल, बीते कुछ वर्षों में गौतमबुद्ध नगर में बसपा को काफी राजनीतिक नुकसान हुआ है। पूर्व मंत्री सतीश अवाना, दो बार के विधायक सतवीर गुर्जर, तीन बार के विधायक होराम सिंह, पूर्व मंत्री वेदराम भाटी, रविकांत मिश्रा, नरेंद्र भाटी (डाढा), एडवोकेट रामशरण नागर और गजराज नागर जैसे कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी छोड़कर भाजपा या सपा ज्वाइन कर लिया था। इस बड़े पलायन के कारण जिले में पार्टी का पुराना ढांचा और वोट बैंक गंभीर रूप से खराब हो चूका है , जिसे नए प्रभारियों की मदद से फिर से संरचित करने की कोशिश की जा रही है। वोट बैंक साधने की नई रणनीति नेताओं के बार-बार पार्टी बदलने का सीधा असर पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के परिणामों में साफ दिखा था, जहां पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और इसका जनाधार घट गया। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बसपा अब 2027 के चुनावों से पहले अपने निहित कैडर को पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया में जुट गई है। नए पदाधिकारियों की घोषणा के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। नवनियुक्त नेताओं के घर पर बधाइयाँ देने वालों की भीड़ लगी है और सभी पदाधिकारी पार्टी सुप्रीमो मायावती का आभार व्यक्त करते हुए जिले में नीले ध्वज को फिर से ऊँचा करने का संकल्प ले चुके हैं। ये भी पढ़े : नोएडा में 28 जून से पोलियो अभियान,आंगनबाड़ी कर्मियों ने रखीं अपनी मांगें