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भाई के दोस्त से शुरू हुई कहानी, 2004 कॉल्स के बाद कैसे पहुंचा रिश्ता पुणे हत्या की जांच तक?

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते की नई परतें खुल रही हैं। पुलिस डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और मुलाकातों की कड़ियां जोड़ रही है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Pune Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े रिश्तों और घटनाओं की नई परतें खुलती जा रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले के दो प्रमुख आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पहचान किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या डेटिंग ऐप के जरिए नहीं, बल्कि सिया के बड़े भाई साहिल गोयल के माध्यम से हुई थी।

दोस्ती से प्यार तक

बताया जा रहा है कि साहिल और चेतन लंबे समय से क्रिकेट सर्कल में एक-दूसरे को जानते थे और कई स्थानीय टूर्नामेंटों में साथ खेल चुके थे। इसी दौरान सिया की मुलाकात चेतन से हुई। शुरुआत सामान्य बातचीत से हुई, जो समय के साथ दोस्ती और फिर कथित तौर पर प्रेम संबंध में बदल गई। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2025 के दौरान दोनों की नजदीकियां तेजी से बढ़ीं। एक सामाजिक कार्यक्रम में मुलाकात के बाद उनके बीच संपर्क लगातार बना रहा। पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 से जून 2026 तक दोनों के बीच करीब 2,004 फोन कॉल हुईं, जिनकी कुल अवधि लगभग 238 घंटे बताई जा रही है। जांचकर्ता अब इन बातचीतों के महत्व और उनके संदर्भ को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

मुलाकात बनी सुराग

इसी बीच सिया की शादी पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल से तय हो गई। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था और नवंबर 2026 में विवाह प्रस्तावित था। हालांकि, जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी अवधि में सिया और चेतन का संपर्क लगातार जारी रहा। दूसरी ओर, सिया के परिवार का कहना है कि उन्हें कभी यह संकेत नहीं मिला कि वह इस शादी से असंतुष्ट थीं। पुलिस के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले दोनों आरोपियों की पुणे के एक कैफे में मुलाकात हुई थी। जांच एजेंसियां इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण मान रही हैं और इसे घटनाक्रम की अहम कड़ी के रूप में देख रही हैं।

डिलीट चैट का राज

18 जून को केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला हत्या की जांच तक पहुंच गया। पुलिस का दावा है कि कई तकनीकी साक्ष्य, लोकेशन डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ चैट और डेटा डिलीट किए गए थे। अब फोरेंसिक विशेषज्ञ उन्हें रिकवर करने का प्रयास कर रहे हैं।

कई सवाल बाकी

महाराष्ट्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेज जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। परिवार, दोस्तों और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटनाओं की पूरी श्रृंखला को समझा जा सके। फिलहाल यह मामला प्यार, रिश्तों, आरोपों और जांच के जटिल ताने-बाने में उलझा हुआ है। आने वाले दिनों में डिजिटल साक्ष्य और पुलिस जांच के निष्कर्ष इस हाई-प्रोफाइल केस की कई अनसुलझी गुत्थियों से पर्दा उठा सकते हैं।

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