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सेंसेक्स, निफ्टी अमेरिका-ईरान तनाव के चलते गिरावट के साथ बंद

Reported by Pushkar Shahi and edited by Pushkar Shahi

मंगलवार, 14 जुलाई को शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। इस तनाव का असर दुनिया भर के बाजारों पर दिखा और भारत में भी निवेशकों ने सावधानी बरती। लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले

बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक टूटकर 77,054.94 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी 158.85 अंक फिसलकर 24,052.05 पर आ गया। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद बाजार पर दबाव साफ दिखाई दिया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट

बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.44% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.01% नीचे बंद हुआ। इसका मतलब है कि निवेशकों ने छोटे और ज्यादा जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई।

रियल्टी सेक्टर सबसे कमजोर रहा

सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। एचसीएलटेक, श्रीराम फाइनेंस और एचडीएफसी लाइफ जैसे शेयरों में भी अच्छी-खासी गिरावट आई। इन शेयरों ने निफ्टी पर दबाव बढ़ाया।

बैंक निफ्टी ने दिखाई मजबूती

हालांकि बैंकिंग शेयरों ने थोड़ी राहत दी। बैंक निफ्टी की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में इसमें अच्छी रिकवरी देखने को मिली। दिन के निचले स्तर से यह करीब 600 अंक संभल गया। इससे यह संकेत मिला कि नीचे के स्तर पर खरीदारी अब भी जारी है। फिलहाल बैंक निफ्टी 56,500 से 58,500 के दायरे में कारोबार कर रहा है। बाजार की नजर अब 58,700 के स्तर पर रहेगी। अगर यह स्तर पार होता है तो आगे नई तेजी देखने को मिल सकती है।

एफआईआई ने बेचे शेयर, डीआईआई ने की खरीदारी

बाजार पर सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव का असर नहीं था। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसी वजह से पूरे दिन बाजार में सतर्क माहौल बना रहा।विदेशी निवेशकों ने 13 जुलाई को 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू निवेशकों ने 2,171.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से कुछ हद तक बचाया।

आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?

अब आगे बाजार की नजर कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही नतीजों पर रहेगी। अच्छे नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा तो बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है। ऐसे समय में विशेषज्ञ जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया एक प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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