Dharmendra Pradhan’s resignation: NEET-UG परीक्षा विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस्तीफे के सामने आते ही विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के लंबे आंदोलन और बढ़ते जनदबाव का परिणाम बताया, जबकि केंद्र सरकार अब नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और परीक्षा प्रणाली में संभावित सुधारों को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद या कानूनी प्रक्रिया से अधिक महत्वपूर्ण है। उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। AAP का हमला इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के युवाओं और छात्रों की बड़ी जीत है। पार्टी का दावा है कि छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और जनता के बढ़ते दबाव के कारण सरकार को आखिरकार यह कदम उठाना पड़ा। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है और पूरे देश को इसके लिए बधाई दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को आखिरकार सरकार को सुनना पड़ा। https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2080946316310683980 कांग्रेस ने इस्तीफे का किया स्वागत वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से मौजूदा तनाव कम होगा और संसद के भीतर तथा बाहर शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर गंभीर और सार्थक चर्चा का रास्ता खुलेगा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। https://twitter.com/PChidambaram_IN/status/2080942893649543510 नई नियुक्ति पर नजर गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किए। जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार उठती रही। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार नया शिक्षा मंत्री कब नियुक्त करती है और क्या इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े बड़े फैसले भी सामने आते हैं। ये भी पढ़ें: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने मनाया जश्न