Shravasti News: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में डूडा के करीब 6 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायत के बाद हुई जांच में टेंडर प्रक्रिया में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ फर्मों के दस्तावेजों और पात्रता को लेकर नियमों की अनदेखी की गई। वहीं, शिकायतकर्ता ने मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल मामले में भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिओम तिवारी ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में कुछ फर्मों के ESIC चालान से जुड़े दस्तावेजों में भी कमियां सामने आईं। डूडा विभाग की मुख्यमंत्री मलिन बस्ती विकास योजना के तहत भिनगा नगर पालिका क्षेत्र में करीब 6 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी प्रक्रिया को लेकर शिकायत सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि योग्य फर्म को दर कम होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया, जबकि अन्य फर्मों को मौका दिया गया। जांच में खुलीं दस्तावेजी खामियां मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संबंधित पत्रावली की जांच कराई गई। जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों में कई कमियां पाई गईं। ADM श्रावस्ती के मुताबिक, डूडा द्वारा छह निर्माण कार्यों के लिए टेंडर निकाला गया था। जांच में कुछ फर्मों के छह महीने के अनिवार्य ESIC चालान की जगह पांच-पांच महीने के चालान पाए गए, जबकि एक फर्म का दस्तावेज पढ़ने योग्य नहीं था। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। अब कार्रवाई पर नजर फिलहाल 6 करोड़ रुपये के इस टेंडर की प्रक्रिया निरस्त हो चुकी है। अब बड़ा सवाल यही है कि जांच में सामने आई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी और संबंधित लोगों पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। कैमरे पर हमारे साथ शिकायतकर्ता, ठेकेदार और ADM की प्रतिक्रिया भी आपको सुनाते हैं। ये भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर मचा हड़कंप, तेज रफ्तार कार ने ICP का गेट तोड़ा, चालक फरार