भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन एक बार फिर निराशाजनक रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों की चिंता साफ नजर आई, और बेंचमार्क सूचकांक लगातार गिरावट के दायरे में बने रहे। आज का बाजार: आंकड़ों पर एक नजर बीएसई सेंसेक्स आज 492.70 अंक यानी 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स के लिए लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 132.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत टूटकर 24,154.90 पर आ गया। निफ्टी के लिए यह लगातार छठा सत्र है जब सूचकांक लाल निशान में बंद हुआ है — जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। गिरावट के पीछे की वजहें आज की बिकवाली के पीछे मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता दबाव रहा। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की मियाद खत्म होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जापान का निक्केई करीब 1.66 प्रतिशत तक टूटा, जबकि हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा इंडिया वीआईएक्स में बढ़त दर्ज हुई, जो बाजार में अस्थिरता के बढ़ने का संकेत है। टॉप गिरावट वाले शेयर निफ्टी पैक में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एशियन पेंट्स, विप्रो, एचसीएल टेक और इंफोसिस टॉप लूजर रहे, इनमें से हर एक शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। आईटी शेयरों पर खासतौर से दबाव देखने को मिला। सेक्टोरल तस्वीर सेक्टोरल मोर्चे पर मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी ऑटो ने बेहतर प्रदर्शन किया और अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई, जबकि निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी में सबसे तेज गिरावट दर्ज हुई। ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 में 0.43 प्रतिशत की गिरावट रही, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप लगभग फ्लैट बंद हुआ — यानी छोटे और मझोले शेयरों पर बड़े शेयरों जितना दबाव नहीं दिखा। एफआईआई-डीआईआई गतिविधि पिछले कारोबारी सत्र (17 अगस्त) के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब ₹2,535.10 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹5,101.50 करोड़ की खरीदारी करते हुए बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। आगे क्या? बाजार की मौजूदा चाल आगे भी वैश्विक संकेतों, खासकर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। घरेलू मोर्चे पर डीआईआई की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन जब तक वैश्विक अनिश्चितता कम नहीं होती, तब तक निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। आपकी नजर में आज की गिरावट पश्चिम एशिया तनाव का असर है या बाजार में गहरी करेक्शन की शुरुआत? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।