Ayurveda Interns Stipend Hike: लखनऊ में आयुर्वेद इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे और सरकार से लंबे समय से लंबित मांग पर जल्द फैसला लेने की अपील की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2011 से अब तक उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई काफी बढ़ चुकी है। 15 साल से नहीं बढ़ा स्टाइपेंड आयुर्वेद इंटर्न डॉ. प्रखर ने बताया कि छात्र नीट के जरिए आयुर्वेद पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं। करीब साढ़े चार साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है। उनका कहना है कि 2011 में तय किया गया स्टाइपेंड आज भी 7,500 रुपये ही है। छात्रों के मुताबिक, मौजूदा राशि के हिसाब से उन्हें करीब 250 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। कई इंटर्न किराये पर रहकर पढ़ाई और इंटर्नशिप करते हैं, ऐसे में कमरे का किराया, आने-जाने और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। मेहनत बराबर तो पैसा भी बराबर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान वे मरीजों की देखभाल के साथ अस्पताल से जुड़े कई जरूरी काम भी करते हैं। छात्रों ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए समान राशि की मांग उठाई। उनका कहना है कि एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया, तो आयुर्वेद इंटर्न के लिए भी 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड तय होना चाहिए। पोस्टरों में दिखा अंदाज प्रदर्शन के दौरान छात्रों के पोस्टरों में जेन-जी अंदाज भी नजर आया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब जिम्मेदारी और मेहनत में अंतर नहीं है, तो स्टाइपेंड में इतना बड़ा फर्क क्यों रखा जाए। छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक फैसला करेगी। ये भी पढ़ें: अलनीनो का असर बेअसर! UP में मानसून ने बदला खेल, सामान्य से ज्यादा हुई बारिश