गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी, जिससे बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स-निफ्टी का हाल बीएसई सेंसेक्स करीब 201 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,782 के स्तर पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 78,581 पर बंद हुआ था। एनएसई निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ 24,641 के स्तर पर खुला, जो बुधवार के 24,624.65 के बंद स्तर से थोड़ा ऊपर था। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,600 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास मजबूती से टिका रहा। व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में हल्की नरमी रही, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स करीब 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,008 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। IT शेयरों में जोरदार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा आईटी शेयरों की रही। सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक सबसे आगे रहा, जिसमें करीब 1.37 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस जैसे बड़े शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली। निवेशकों का मानना है कि आईटी सेक्टर में यह तेजी वैश्विक टेक रैली के असर और अच्छी तिमाही उम्मीदों को दिखाती है। FII-DII की गतिविधि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को बिकवाली जारी रखी और करीब 943.42 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भरोसा दिखाते हुए 2,883.17 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिसने बाजार को नीचे जाने से थामे रखा। वैश्विक बाजारों का असर एशियाई बाजारों में गुरुवार को हल्की नरमी देखी गई, क्योंकि पिछले सत्र की एआई-प्रेरित रैली के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। जापान का निक्केई 225 करीब 1 प्रतिशत गिरा, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग करीब 1.7 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी लाल निशान में रहा। हालांकि, शंघाई का एसएसई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की कीमतें सीमित दायरे में रहीं, जबकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पर निवेशकों की नजर बनी रही। आगे क्या? विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,600–24,700 का जोन एक अहम प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। घरेलू मोर्चे पर मजबूत आर्थिक बुनियाद और डीआईआई की लगातार खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है, लेकिन वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और विदेशी फंड प्रवाह पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। आने वाले दिनों में तिमाही नतीजों और नई लिस्टिंग पर भी बाजार की दिशा तय करने में भूमिका रह सकती है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें। आपकी राय जरूरी है: क्या आपको लगता है कि आईटी शेयरों की यह तेजी आने वाले हफ्तों में जारी रहेगी? हमें कमेंट में बताएं।