Brij Bhushan Acquitted: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। अदालत ने लगभग तीन वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। इस मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी राहत मिली। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने सुबह करीब 10 बजे फैसला सुनाया। फैसले के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। अदालत ने 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। करीब तीन साल तक चला मुकदमा यह मामला जनवरी 2023 में उस समय चर्चा में आया था, जब देश की कई नामी महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। आरोप सामने आने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन तथा विरोध-प्रदर्शनों ने इसे और अधिक चर्चित बना दिया। मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके आधार पर 10 मई 2024 को अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए और इसके बाद नियमित रूप से ट्रायल शुरू हुआ। अदालत में गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ती रही। 1133 दिनों में हुईं 127 सुनवाई इस बहुचर्चित मामले की न्यायिक प्रक्रिया कुल 1133 दिनों तक चली। इस दौरान अदालत में 127 बार सुनवाई हुई। इनमें वर्ष 2023 में 24, वर्ष 2024 में 37, वर्ष 2025 में 30 तथा वर्ष 2026 में 36 सुनवाई शामिल रहीं। लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे। बृजभूषण शरण सिंह को 20 जुलाई 2023 को नियमित जमानत मिल गई थी और तब से वे जमानत पर ही थे। ट्रायल के दौरान अदालत ने सभी पक्षों को पर्याप्त अवसर देने के बाद अंतिम बहस सुनी और फिर निर्णय सुरक्षित रखा था। देशभर में चर्चा का विषय रहा मामला महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद देशभर में इस मामले को लेकर व्यापक बहस हुई थी। खिलाड़ियों के धरना-प्रदर्शन, खेल संगठनों की प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयानबाजी के कारण यह मामला लंबे समय तक राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना रहा। इस बीच जांच एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की और न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ी। अदालत ने सुनाया अंतिम फैसला सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को इस मामले में बरी कर दिया। अदालत के फैसले के साथ लगभग तीन वर्षों से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का समापन हो गया। हालांकि, अदालत के इस निर्णय के बाद संबंधित पक्षों के पास कानून के तहत उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगों के चर्चित अंकित शर्मा हत्याकांड में बड़ा फैसला! ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद