Tahir Hussain 2020 Delhi Riots: 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत उन्हें हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर आरोपों में दोषी ठहरा चुकी थी। कोर्ट की सख्त टिप्पणी सजा सुनाते हुए अदालत ने मामले को बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला अपराध बताया। कोर्ट ने कहा कि अंकित शर्मा पर किया गया हमला अत्यंत क्रूर था। न्यायाधीश के अनुसार, हत्या के बाद भी शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसे घसीटकर चांद बाग के नाले में फेंक दिया गया। अदालत ने माना कि इस वारदात ने समाज को गहरा झटका पहुंचाया। 91 गवाह बने आधार इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा अनस, नाजिम, कासिम और जावेद को भी उम्रकैद की सजा दी गई है। सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने 91 गवाहों की सूची पेश की थी। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बयान दिया कि उन्होंने आरोपियों को अंकित शर्मा का शव नाले की ओर ले जाते देखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण भी किया था। दंगों की दर्दनाक कहानी जांच के अनुसार, अंकित शर्मा दंगों के दौरान घर से आवश्यक सामान लेने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। कुछ दिनों बाद उनका शव चांद बाग के नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले थे। अदालत के इस फैसले को दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी निर्णय माना जा रहा है। ये भी पढ़ें: क्या राजनीति में उतरेंगे अभिजीत दीपके? CJP के भविष्य पर किया बड़ा खुलासा