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काले कपड़ों में संसद पहुंचा विपक्ष, राहुल-प्रियंका सबसे आगे… सरकार को घेरने की नई रणनीति

NEET पेपर धांधली और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए सरकार को शिक्षा व्यवस्था पर घेरा।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Congress MPs To Protest Parliament: नीट परीक्षा में कथित धांधली, देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों व विपक्षी सांसदों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में संसद का माहौल एक बार फिर गर्म हो गया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद बुधवार को काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और इसे लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक बताया। इस प्रदर्शन की अगुवाई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने की।

युवाओं के भविष्य की लड़ाई

विपक्ष का कहना है कि यह विरोध केवल नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस ने पहले ही अपने सभी सांसदों से काले कपड़े पहनकर संसद आने की अपील की थी ताकि सरकार पर इस मामले में जवाबदेही तय करने का दबाव बनाया जा सके। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकने की कोशिश हुई। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

सरकार से जवाब मांग

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्ष का यह विरोध छात्रों और सांसदों के साथ हुई कार्रवाई के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए।

लाठीचार्ज पर सवाल

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान ऐसे लोगों ने भी हमला किया जिनकी पहचान स्पष्ट नहीं थी और जिनके पास कोई नेम टैग नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज नहीं उठाएगा, तो फिर उसकी भूमिका क्या रह जाएगी।

सरकार पर बढ़ा दबाव

नीट विवाद और पेपर लीक का मुद्दा अब संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक टकराव का बड़ा कारण बन चुका है। विपक्ष सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा, जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

ये भी पढ़ें: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, PM आवास के बाहर राहुल-प्रियंका, मल्लिकार्जुन धरने पर

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