Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन का माहौल बेहद गर्म रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के कारण अध्यक्ष ओम बिरला को बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। नीट परीक्षा विवाद, पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी। PM आवास पर धरना मंगलवार को संसद परिसर के बाहर भी राजनीतिक हलचल तेज रही। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए थे। बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद राहुल गांधी ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले पर संसद में सरकार की ओर से विस्तृत बयान देने की मांग प्रमुख रही। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा चाहता है। सरकार चर्चा को तैयार उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष इस बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने साफ कहा कि चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी है। उनका कहना है कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पूरे विवाद की निष्पक्ष जवाबदेही तय किए बिना विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। संसद में इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और तीखी राजनीतिक टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। ये भी पढ़ें: काले कपड़ों में संसद पहुंचा विपक्ष, राहुल-प्रियंका सबसे आगे… सरकार को घेरने की नई रणनीति