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चमोली टनल सुरंग में घुसा पानी-मलबा, 7 मजदूरों की मौत, मृतकों-घायलों के नाम आए सामने

चमोली की पीपलकोटी टनल में पानी-मलबा घुसने से बड़ा हादसा हुआ। सात मजदूरों की मौत हुई, 14 घायल हैं। राहत अभियान जारी है, जबकि हादसे की जांच शुरू कर दी गई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Uttarakhand Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन पीपलकोटी टनल में हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जलविद्युत परियोजना के तहत बन रही सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक घटना में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 श्रमिक घायल हो गए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने घंटों तक अभियान चलाकर मजदूरों को बाहर निकाला।

टनल में मौत

प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय सुरंग के भीतर 22 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 20 को बाहर निकाल लिया गया। बाहर निकाले गए मजदूरों में छह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाद में एक अन्य घायल ने दम तोड़ दिया। दो मजदूरों की स्थिति को लेकर शुरुआती घंटों में अनिश्चितता बनी रही, जिससे राहत अभियान तेज कर दिया गया।

मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान टिहरी जिले के गेंवाल निवासी प्रदीप सिंह पवार, चमोली निवासी मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार, तथा लोकेश्वर और भुनेश्वर के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक लोकेश्वर और भुनेश्वर के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। घायलों में छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार के श्रमिक शामिल हैं। अधिकांश घायलों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है। गोविंद को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि रोहित पांडे की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें श्रीनगर रेफर किया गया है। अन्य सभी घायल चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

कैसे हुआ हादसा

यह हादसा पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी लिमिटेड की जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल पर हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग के भीतर अचानक तेज़ी से पानी और मलबा घुसने के कारण मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और कुछ ही पलों में पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा।

राहत और जांच

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, राहत एजेंसियां और परियोजना से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। वे हालात का जायजा लेने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

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