Bahraich News: अयोध्या के राम मंदिर में चंदे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की प्रसिद्ध दरगाह भी सुर्खियों में आ गई है। दरगाह की आय और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवालों ने नए विवाद को जन्म दे दिया है, हालांकि दरगाह कमेटी ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। CM को भेजा पत्र भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बहराइच स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह की विशेष जांच कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले लगभग दो दशकों के दौरान दरगाह से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और आय, चढ़ावे, संपत्तियों तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए, ताकि दरगाह की आमदनी और खर्च से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठाई गई है। कमेटी ने आरोपों को खारिज किया दरगाह कमेटी के सदस्य और अधिवक्ता दिलशाद अहमद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि दरगाह का पूरा कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत संचालित होता है तथा वित्तीय अनियमितता के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह मामला राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है। ये भी पढ़ें: SIT सच्चाई सामने लाएगी… राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी का पहला बयान