उत्तर प्रदेशबरेली

दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में बरेली में किसानों का हल्लाबोल, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

दिल्ली के जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में बरेली में भारतीय किसान यूनियन ने प्रदर्शन किया। किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जांच, MSP समेत कई मांगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

Reported by Deepak Kumar and edited by Shagun Chaurasia

Bareilly News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध अब उत्तर प्रदेश के बरेली में भी देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर तत्काल फैसला लेने की मांग की। आखिर क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें।

सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। हाथों में झंडे और बैनर लेकर पहुंचे किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिला प्रभारी आकाश उर्फ पप्पू गंगवार ने किया। किसानों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध की आवाज दबाने के बजाय किसानों और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

किसानों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही अयोध्या श्रीराम मंदिर चंदा घोटाले की निष्पक्ष जांच, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, मंडियों में किसानों के शोषण पर रोक लगाने और निजी खाद विक्रेताओं पर सख्त निगरानी की मांग भी उठाई गई।

सरकार को अल्टीमेटम

इसके अलावा किसानों ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुधारने, आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने, बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों का बकाया गन्ना भुगतान कराने, जर्जर सड़कों की मरम्मत, भूमि अभिलेखों की त्रुटियां दूर करने और किसान नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग रखी। किसानों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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