उत्तर प्रदेशराजनीति

बिजनौर की किसी भी सीट से लड़ लें चुनाव… चंद्रशेखर आजाद की योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती

चंद्रशेखर आजाद ने सीएम योगी को बिजनौर की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। बोले- हरा नहीं पाया तो राजनीति छोड़ दूंगा, लेकिन चुनाव बैलेट पेपर से हों।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Chandrashekhar Azad: उत्तर प्रदेश की राजनीति में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के एक बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनावी मुकाबले की चुनौती देते हुए कहा कि सीएम बिजनौर जिले की आठ विधानसभा सीटों में से किसी भी सीट पर उनके खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं। चंद्रशेखर ने दावा किया कि अगर वह योगी आदित्यनाथ को हरा नहीं पाए तो राजनीति छोड़ देंगे। हालांकि, इस चुनौती के साथ उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की शर्त भी रखी।

2022 के चुनाव का दिया हवाला

रविवार को हसनपुर में पार्टी प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर की सदर सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने पहुंचे थे। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने योगी आदित्यनाथ को अब बिजनौर की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा

चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए बैलेट पेपर से मतदान कराने की वकालत की। उनके बयान को चुनाव व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

शिक्षा, रोजगार और किसानों के मुद्दे भी उठाए

जनसभा में चंद्रशेखर ने प्रदेश की शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं के रोजगार और किसानों के गन्ना भुगतान का मुद्दा भी उठाया। बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष वर्ग के लोगों के घरों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सरकार के संरक्षण में पल रहे माफिया के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं होती।

इस दौरान उन्होंने शाहनवाज चौधरी के समर्थन में मतदान करने की अपील की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। चंद्रशेखर की इस चुनौती के बाद अब राजनीतिक गलियारों में उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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