Grand Venice Mall ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रैंड वेनिस मॉल के संचालक सतिंदर सिंह भसीन और उनसे जुड़ी शेल कंपनियों की 389 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 240.03 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 700 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। इस कार्रवाई में ग्रेटर नोएडा की व्यावसायिक संपत्तियों के साथ गोवा स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। संपत्तियों पर कार्रवाई ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में ग्रैंड वेनिस मॉल की 384 व्यावसायिक इकाइयां और गोवा में स्थित पांच अचल संपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां सतिंदर सिंह भसीन से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से खरीदी गई थीं। एजेंसी ने अपनी जांच उत्तर प्रदेश और दिल्ली में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिनमें निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। https://twitter.com/INDIAHEADLINEST/status/2079435870621557016 निवेशकों से धोखा जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में विकसित रियल एस्टेट परियोजना में निवेशकों को समय पर कब्जा देने का वादा किया गया था। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों से निवेश तो कराया गया, लेकिन न उन्हें संपत्ति का कब्जा मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। ईडी का कहना है कि परियोजना में जमा धन को अन्य संबद्ध कंपनियों के खातों में स्थानांतरित कर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। इसी धन का उपयोग गोवा समेत अन्य स्थानों पर संपत्तियां खरीदने में किए जाने का भी आरोप है। शेल कंपनियों का खेल जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि जिन कंपनियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं, वे कागजों पर अलग-अलग संस्थाएं दिखाई गईं, लेकिन उनका वास्तविक नियंत्रण सतिंदर सिंह भसीन के पास था। इसके अलावा ग्रैंड वेनिस मॉल की बड़ी व्यावसायिक संपत्ति को कथित रूप से फर्जी और पिछली तारीखों वाले दस्तावेजों के जरिए दूसरी कंपनी के नाम स्थानांतरित करने की भी जांच की जा रही है। 80 से ज्यादा केस ईडी इससे पहले भी इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है। अप्रैल 2025 में भसीन और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और नकदी बरामद की गई थी। इसके बाद जून 2025 में भी करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में निवेशकों के साथ लगभग 1,300 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। निवेशकों की शिकायतों के आधार पर विभिन्न थानों में 80 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनके आधार पर ईडी ने जांच शुरू कर आगे की कार्रवाई की। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR पर मेहरबान मानसून! झमाझम बारिश के बीच ट्रैफिक ने बढ़ाई मुसीबत