Uttar Pradesh || Gorakhpur || College Students || Raging : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। जूनियर्स के साथ रैगिंग और प्रताड़ना के इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में 18 सीनियर डॉक्टरों (छात्रों) को दोषी पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, सभी दोषी डॉक्टरों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साल 2025 बैच के छात्रों का उत्पीड़न जानकारी के अनुसार, कुछ सीनियर छात्रों पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 2025 बैच के जूनियर छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। जूनियर्स की शिकायत के बाद कॉलेज की एंटी-रैगिंग टीम ने मामले की गहनता से जांच की। जांच में आरोपों को सही पाए जाने पर कॉलेज ने अनुशासन और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाया। अन्य छात्रों की भी जांच चल रही है इस रैगिंग मामले में केवल ये 18 डॉक्टर ही शामिल नहीं थे, बल्कि उनके साथ 5 और छात्रों के नाम भी सामने आए हैं। कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, इन पांचों छात्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही इनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, मामले में लापरवाही बरतने या भागीदारी के संदेह में दो अन्य लोगों को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया है। कैंपस में रैगिंग के लिए जीरो टॉलरेंस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि परिसर में रैगिंग को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। सभी छात्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुशासन का पालन करें। इस बड़े निर्णय के बाद मेडिकल कॉलेज में खासी हलचल मच गई है। फिलहाल, जिन डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया है, उन्हें हॉस्टल और कॉलेज की गतिविधियों से दूर रहने का आदेश दिया गया है। ये भी पढ़े : योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यूपी ने रचा इतिहास, 1990 के बाद जीती जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप