उत्तर प्रदेशनोएडा

ग्रेटर नोएडा में ओजी गांजा तस्करी का भंडाफोड़, ANTF की कार्रवाई में चार गिरफ्तार

परी चौक के पास पुलिस की कार्रवाई में चार लोग पकड़े गए। जांच में सामने आया कि ओजी गांजा थाईलैंड से लाकर दिल्ली-एनसीआर में बेचा जा रहा था।

Reported by Tanvi Pandey and edited by Tanvi Pandey

Greater Noida drug bust: ग्रेटर नोएडा में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कानपुर एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मिलकर की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ओजी गांजा की सप्लाई से जुड़े हुए थे।

सूचना पर बिछाया जाल

एएनटीएफ को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ लोग स्कॉर्पियो में मादक पदार्थ लेकर नोएडा पहुंचने वाले हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम सतर्क हो गई और संदिग्ध वाहन पर नजर रखी जाने लगी।

परी चौक पर घेराबंदी

21 जून की रात परी चौक के पास पुलिस ने घेराबंदी कर स्कॉर्पियो को रोक लिया। वाहन में सवार लोगों से पूछताछ की गई और इसके बाद गाड़ी की तलाशी शुरू की गई।

बैग से निकले आठ पैकेट

तलाशी के दौरान गाड़ी में रखे एक बैग से प्लास्टिक के आठ सीलबंद पैकेट बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इनमें कुल 3 किलो 650 ग्राम ओजी गांजा था। एक अन्य बैग से 4 लाख रुपये नकद भी मिले।

चार लोगों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों की पहचान पटना निवासी प्रणय पुष्प और गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी, शशांक शाही तथा रोहन चौधरी के रूप में हुई है। चारों को मौके से हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की गई।

पढ़ाई के दौरान हुई शुरुआत

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में प्रणय ने बताया कि वह शारदा यूनिवर्सिटी से बीबीए कर चुका है और निम्बस कॉलोनी में रहता है। उसने बताया कि पढ़ाई के दौरान खर्च पूरे करने के लिए गांजा बेचने का काम शुरू किया था।

थाईलैंड से जुड़ा कनेक्शन

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि शशांक के कुछ परिजन थाईलैंड में रहते हैं। पुलिस का कहना है कि वहीं से ओजी गांजा भारत लाया जाता था। इसके बाद इसे दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था।

गाड़ियां और दस्तावेज जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्कॉर्पियो और थार को भी कब्जे में लिया है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं।

आगे बढ़ाई गई जांच

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

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