उत्तर प्रदेश

जमाखोरी की तो खैर नहीं… चीनी की जमाखोरी पर CM योगी का बड़ा अलर्ट

यूपी में चीनी की कमी की अफवाहों के बीच योगी आदित्यनाथ ने पर्याप्त स्टॉक बताया। डीएम को गोदाम सत्यापन, जमाखोरी पर कार्रवाई और कीमतों की निगरानी के निर्देश दिए।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Sugar Black Marketing: उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी और संभावित जमाखोरी को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मिलों में चीनी का स्टॉक

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है। इनमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी का भंडार है। अधिकारियों के मुताबिक जून और जुलाई के दौरान करीब 235 लाख कुंतल चीनी बाजार में बेची गई, जिसमें बड़ी मात्रा अभी खुले बाजार में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने जरूरत के मुताबिक 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने की तैयारी रखने को कहा, ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे।

गोदामों की जांच करेंगे डीएम

योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में चीनी मिलों के अलावा थोक और फुटकर कारोबारियों के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को वास्तविक स्टॉक की जानकारी जुटाने और तय सीमा से अधिक चीनी मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। केंद्र के निर्देशों के अनुसार डीलर 30 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकते। वहीं, एक समय में 400 टन से अधिक चीनी रखने पर भी रोक है। निर्धारित सीमा से ज्यादा भंडारण या जमाखोरी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर

मुख्यमंत्री ने चीनी की कमी से जुड़ी अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखने तथा कालाबाजारी या अनुचित मूल्य वृद्धि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

90 लाख टन उत्पादन का अनुमान

बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होने का अनुमान है। इससे करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है, जबकि राज्य में हर महीने लगभग चार लाख टन चीनी की खपत होती है। वहीं, पेराई सत्र 2025-26 में करीब 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।

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