UP Coaching Crackdown: लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। इस अभियान के तहत अब तक 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा चुका है। प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। फायर सेफ्टी जांच जांच का दायरा लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, आगरा, गोरखपुर और वाराणसी समेत कई जिलों तक फैला हुआ है। अधिकारियों का मुख्य फोकस फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना और वैध अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच पर है। जहां भी नियमों की अनदेखी या सुरक्षा में गंभीर खामियां मिलीं, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। सुरक्षा नियमों की अनदेखी प्रयागराज में चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज भी कार्रवाई की जद में आ गया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद विकास प्राधिकरण ने संस्थान को सील कर दिया। वहीं जिलाधिकारी ने शहर के सभी कोचिंग संचालकों की बैठक बुलाकर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। योगी सरकार का एक्शन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और अस्पताल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद प्रशासन ने ऐसे संस्थानों की विशेष जांच शुरू कर दी है। कई जगहों पर बेसमेंट, जो केवल पार्किंग के लिए स्वीकृत थे, उन्हें कक्षाओं में बदलकर छात्रों को बैठाया जा रहा था। सुरक्षा में लापरवाही कानपुर के काकादेव क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां 30 से अधिक कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते सील किए गए। कई संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी तक नहीं मिली। इसी तरह वाराणसी में भी विकास प्राधिकरण और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण कर कार्रवाई की। ताबड़तोड़ सीलिंग अभियान प्रयागराज में स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई, जहां दर्जनों पंजीकृत संस्थानों में से बेहद कम के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) उपलब्ध थी। वहीं मिर्जापुर, जौनपुर और चंदौली जैसे जिलों में भी जांच अभियान जारी है। प्रशासन की नजर लखनऊ अग्निकांड के बाद शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। ये भी पढ़ें: कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा! आखिर क्यों दो हिस्सों में बंट गया मानसून?