BKU Farmers Protest: अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने सोमवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कार्यालयों का घेराव किया। किसान अथॉरिटी कार्यालयों के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में अलग-अलग जोनल पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला। तीनों अथॉरिटी पर प्रदर्शन किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी ग्रेटर नोएडा पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांगों को लेकर अधिकारियों पर निशाना साधते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। टिकैत ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए अधिकारी तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो प्राधिकरण का काम रोकने की स्थिति बन सकती है। 10 फीसदी प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजे की मांग राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। किसानों की प्रमुख मांगों में 10 फीसदी आवासीय प्लॉट और 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा शामिल है। इन्हीं मांगों को लेकर सोमवार को तीनों प्राधिकरणों का घेराव किया गया। बीकेयू नेता पवन खटाना के मुताबिक, किसान लंबे समय से 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, आबादी से जुड़े मामलों का समाधान, 10 फीसदी आवासीय प्लॉट और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग कर रहे हैं। आगे क्या होगा? पवन खटाना ने बताया कि तीनों अथॉरिटी पर प्रदर्शन के बाद किसान बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक करने या आगे के कदम पर निर्णय लिया जाएगा। 6 दिन से जारी है धरना किसान सभा के कार्यकर्ता 9 सितंबर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। किसान सभा के जिलाध्यक्ष रुपेश वर्मा के मुताबिक, सोमवार को धरने का छठा दिन है। किसानों का आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं होता, धरना जारी रहेगा। अब टिकैत की चेतावनी के बाद किसानों का आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सबकी नजर है। ये भी पढ़ें: DM मेधा रूपम पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के 5 लाख रुपये वसूली आदेश पर उठाया सवाल