उत्तर प्रदेशनोएडा

DM मेधा रूपम पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के 5 लाख रुपये वसूली आदेश पर उठाया सवाल

गौतम बुद्ध नगर डीएम मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें डीयू छात्रा अकृति चौधरी की एनएसए हिरासत पर ₹5 लाख वसूली का निर्देश दिया गया था।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Gautam Buddha Nagar DM Supreme Court: गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें छात्र कार्यकर्ता अकृति चौधरी को मुआवजा देने के लिए डीएम समेत संबंधित अधिकारियों के वेतन से 5 लाख रुपये की वसूली का निर्देश दिया गया था। मामला नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान अकृति चौधरी पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) से जुड़ा है।

 हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अकृति चौधरी की करीब पांच महीने चली हिरासत को अवैध करार देते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि डीएम ने पुलिस की रिपोर्ट पर पर्याप्त विचार किए बिना NSA के तहत कार्रवाई की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियों का भी उल्लेख किया था। अदालत की टिप्पणी थी कि मामले में प्रशासन की ओर से पेश की गई कहानी विश्वसनीय नहीं थी। कोर्ट ने यह भी माना कि बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाली छात्र कार्यकर्ता के खिलाफ NSA जैसे कठोर कानून का इस्तेमाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।

DM ने अब सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

मेधा रूपम की याचिका में अकृति चौधरी को मुख्य प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका के जरिए हाईकोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत मुआवजे की राशि की वसूली अधिकारियों के वेतन से किए जाने की बात कही गई थी। यह कदम उस घटनाक्रम के कुछ दिन बाद सामने आया है, जब हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संकेत दिया था कि राज्य सरकार भी 2 सितंबर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

अप्रैल के मजदूर आंदोलन से जुड़ा है मामला

अकृति चौधरी को अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। प्रदर्शनकारी औद्योगिक और संविदा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी तथा हरियाणा के समान वेतनमान की मांग कर रहे थे। 13 अप्रैल को प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटना हुई थी। इसके बाद पुलिस ने अकृति पर प्रदर्शनकारियों को पथराव और आगजनी के लिए उकसाने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ NSA लगाया गया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वीडियो साक्ष्यों का दावा किया था, हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर है। शीर्ष अदालत का फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।

ये भी पढ़ें: AI से बनाई आपत्तिजनक तस्वीरें, फिर WhatsApp पर वायरल… पूर्व ड्राइवर पर FIR

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »