उत्तर प्रदेशनोएडा

नोएडा में 10 महीने के बच्चे ने निगली बैटरी, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान

खिलौने की छोटी बटन बैटरी निगलने के बाद 10 महीने के बच्चे की हालत बिगड़ गई, सांस लेने में दिक्कत आई, डॉक्टरों ने समय रहते जटिल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई।

Reported by Tanvi Pandey and edited by Tanvi Pandey

Medical emergency: नोएडा में 10 महीने के बच्चे युवराज के साथ अचानक गंभीर हादसा हो गया। वह घर में खेल रहा था, तभी उसने पास रखी एक खिलौने की छोटी बटन बैटरी निगल ली। शुरुआत में परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ। कुछ देर बाद बच्चा परेशान होने लगा और उसकी तबीयत में बदलाव दिखने लगा, जिससे घर के लोग परेशान हो गए।

खांसी और सांस लेने में दिक्कत

थोड़ी ही देर में बच्चे की हालत और खराब होने लगी। उसे लगातार खांसी आने लगी और दूध पीते समय सांस रुकने लगी। यह देखकर परिवार तुरंत उसे नोएडा सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को गंभीर मानते हुए बिना देर किए जांच शुरू कर दी, क्योंकि सांस और निगलने दोनों में दिक्कत साफ दिखाई दे रही थी।

जांच में पता चला भोजन नली में फंसी बैटरी

डॉक्टरों ने एक्स-रे और एंडोस्कोपी के जरिए जांच की, जिसमें साफ हुआ कि बच्चे की भोजन नली में बटन बैटरी फंसी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि बैटरी के कारण अंदर तेज रासायनिक असर हुआ था, जिससे भोजन नली को नुकसान पहुंचा और हालत गंभीर हो गई थी। यहां तक कि भोजन नली और श्वासनली के बीच एक असामान्य रास्ता भी बन गया था, जो स्थिति को और खतरनाक बना रहा था।

तीन घंटे चला ऑपरेशन

स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों की टीम ने तुरंत सर्जरी का फैसला लिया। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में बैटरी को सावधानी से निकाला गया और अंदर हुए नुकसान की मरम्मत की गई। ऑपरेशन सफल रहा और बच्चे की हालत धीरे-धीरे स्थिर होने लगी। डॉक्टरों की कोशिशों से उसकी जान बच गई और फिलहाल बच्चा निगरानी में है।

डॉक्टरों की अपील

डॉक्टरों ने साफ कहा कि बटन बैटरी छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती है। यह कुछ ही घंटों में शरीर के अंदर गंभीर नुकसान कर सकती है और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए ऐसे छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान और खिलौनों को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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