Hospital OPD strike: कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में बीते सोमवार से शुरू हुई डॉक्टरों और कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन और अधिक गहरी हुई है। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में पुलिस बल को अस्पताल परिसर में तैनात करना पड़ा। ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी संतोष कुमार और सदर एसडीओ खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करता रहता है, लेकिन वे अपनी मांगों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ICU से इमरजेंसी तक सेवाएं ठप अस्पताल के लगभग 700 आउटसोर्स कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। नर्सिंग स्टाफ, ओटी तकनीशियन, लैब तकनीशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर और घर कीपिंग स्टाफ इस हड़ताल में शामिल हैं। इनके हटने से ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, साथ ही आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का जीवन भी ठप हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि वे 13 से 14 साल से सेवा दे रहे हैं। कोरोना काल में उन्हें पक्का करने का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार नई भर्तियां निकाल रही है, जो उनसे धोखा है। समझाने के प्रयास फेल, मरीजों की मुसीबत बढ़ी चौथे दिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत असफल रही। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कम वेतन में परिवार चलाना पहले से ही कठिन था और अब उनकी नौकरी भी खतरा में है, इसलिए वे पीछे नहीं हटेंगे। इलाज की आस में दूर-दूर से आ रहे मरीजों को, दूसरी ओर, बिना किसी उपचार के ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह वेंटिलेटर पर पहुंच जाएगी अगर यह समस्या जल्दी नहीं सुलझाई जाती। ये भी पढ़े : नोएडा में 10 महीने के बच्चे ने निगली बैटरी, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान