President Birthday: भारत की वर्तमान और 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज 68वां जन्मदिन है। इस अवसर पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक विशेष संदेश जारी कर राष्ट्रपति मुर्मू के व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन की सराहना की। राष्ट्रपति की जीवन यात्रा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में हुआ था। साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और अवसरों का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सेवा और राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और बाद में देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। https://twitter.com/narendramodi/status/2068148437816869245 PM ने दी खास शुभकामनाएं प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा लाखों लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े तबकों के उत्थान के लिए लगातार कार्य किया है। समाज के कमजोर वर्गों की आवाज सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू की विनम्रता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें एक विशिष्ट नेतृत्वकर्ता बनाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती देने का प्रयास किया है और देश के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। ओडिशा में आयोजित कार्यक्रम प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हुए कहा कि भारत की प्रगति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सभी नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी बताया कि वह ओडिशा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं। राष्ट्रपति मुर्मू के जन्मदिन पर आए शुभकामना संदेशों ने एक बार फिर उनके जनप्रिय व्यक्तित्व और देश के प्रति उनकी सेवा भावना को उजागर किया है। उनके संघर्ष, सादगी और समर्पण की कहानी आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। ये भी पढ़ें: केवल 45 दिन का CCTV बैकअप, पुराने रिकॉर्ड गायब! राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में SIT के सामने नई चुनौती