Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से यात्रा करने वाले यात्रियों और उनके परिजनों के लिए एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली सूचना सामने आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने टर्मिनल क्षेत्र में वाहनों को खड़ा करने और यात्रियों को छोड़ने के लिए नई पार्किंग दरें (पार्किंग रेट्स) निर्धारित की हैं। इस नए नियम में सबसे बड़ा आश्चर्य समय को लेकर है। यदि आप एयरपोर्ट पर किसी को छोड़ने जा रहे हैं, तो आपके पास केवल कुछ मिनटों की अनुमति होगी, अन्यथा आपको बड़ा जुर्माना और शुल्क देना होगा। 8 मिनट की डेडलाइन पार होते ही लगेगा भारी चार्ज, पूरा गणित समझें नए नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट पर यात्रियों को गाड़ी से उतारने और बिठाने (ड्रॉप एंड पिक) के लिए केवल 8 मिनट का निःशुल्क 'कर्बसाइड समय' मिलेगा। जैसे ही यह 8 मिनट समाप्त होंगे, निजी वाहनों के मालिकों से पहले दो घंटों के लिए सीधे 150 रुपये वसूले जाएंगे, जबकि कमर्शियल गाड़ियों को 200 रुपये का भुगतान करना होगा। यदि गाड़ी और अधिक समय तक रुकती है, तो प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के लिए 100 रुपये अतिरिक्त चार्ज किए जाएंगे। यदि आप 24 घंटे तक गाड़ी पार्क करते हैं, तो निजी वाहनों के लिए 600 रुपये और व्यावसायिक वाहनों के लिए 700 रुपये का बड़ा शुल्क चुकाना होगा। IGI जैसी सख्ती, ऐप कैब के लिए अलग ज़ोन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फ्री कर्बसाइड सेवा केवल यात्रियों को तुरंत उतारने के लिए है। जो लोग गाड़ियाँ पार्क करना चाहते हैं, उनके लिए ऐप-आधारित कैब, प्रीमियम टैक्सी और विजिटर्स के लिए अलग-अलग पार्किंग क्षेत्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ पहुँचते ही टिकट लेना अनिवार्य होगा। जेवर एयरपोर्ट के ये पार्किंग शुल्क ठीक-ठाक दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के समान निर्धारित किए गए हैं, जहाँ टर्मिनल-3 पर भी 12 मिनट की ही फ्री सुविधा उपलब्ध है। ऑटो और बसों के लिए 'नो एंट्री', यात्रियों को होगी परेशानी पार्किंग शुल्कों के अतिरिक्त इस पूरे योजनाक्रम में एक बड़ा मुद्दा भी उभरा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने आम जनता के लिए बजट में आने वाले ऑटो और बसों को सीधे टर्मिनल भवन तक जाने की इजाजत नहीं दी है। इन वाहनों को टर्मिनल से काफी पहले ही रोका जाएगा, जिससे भारी सामान लेकर चलने वाले मध्यवर्गीय यात्रियों को टर्मिनल तक पहुँचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ये भी पढ़े : Patient Harassment: पेट दर्द से तड़पते मरीज को मिली 4 महीने बाद की तारीख!