भारत

उद्धव ठाकरे को छोड़ शिंदे के साथ आए 6 सांसद, शिवसेना UBT में बड़ी टूट

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब शिवसेना (UBT) के छह सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। इस कदम को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने एक बार फिर ठाकरे और शिंदे गुट के बीच सियासी मुकाबले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

एकनाथ शिंदे के साथ सभी बागी सांसद

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी 6 सांसद एकनाथ शिंदे के साथ मंच पर नजर आए। इनमें संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश निंबालकर, संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश पाटिल अष्टिकर शामिल हैं। सांसदों के इस फैसले ने शिवसेना (UBT) की राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिंदे ने नए साथियों का किया स्वागत

इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने नए साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ये सभी नेता बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर विश्वास रखते हैं और उसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने इसे शिवसेना को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी लगातार विस्तार कर रही है और कार्यकर्ताओं का भरोसा जीत रही है। शिंदे ने मंच से यह भी कहा कि उनके साथ जुड़े सांसद पार्टी के लिए “टाइगर” की तरह हैं और यह फैसला भविष्य की राजनीति में बड़ा असर डालेगा।

शिवसेना की तीखी प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने इस घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि सांसदों की जीत किसी व्यक्तिगत ताकत की वजह से नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व और महाविकास अघाड़ी के समर्थन से संभव हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सत्ता के दबाव के कारण यह राजनीतिक बदलाव हुआ है।

वहीं, महायुति सरकार के नेताओं ने इसे शिंदे के नेतृत्व पर बढ़ते विश्वास का परिणाम बताया। भाजपा और शिवसेना के नेताओं का कहना है कि जो लोग पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके फैसले के पीछे संगठन में सम्मान और नेतृत्व पर भरोसा सबसे बड़ा कारण है।

महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण पैदा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद हुआ यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। आने वाले दिनों में इसका असर विधानसभा चुनावों की रणनीति और विपक्ष की ताकत पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल छह सांसदों के इस कदम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजरें अब उद्धव ठाकरे की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

ये भी पढ़ें: उद्धव गुट को बड़ा झटका? 20 में से 14 विधायकों के अलग होने की अटकलें!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »