पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। रितब्रता बनर्जी। 2026 के विधानसभा चुनाव में रितब्रता उलुबेरिया पूर्व सीट से विधायक बने, और TMC की ऐतिहासिक हार के बाद पार्टी में बड़ा विद्रोह शुरू हो गया। रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने अरूप रॉय को TMC का नया अध्यक्ष चुना, यह ममता बनर्जी के अधिकार को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। हस्ताक्षर जालसाजी विवाद के बाद रितब्रता और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित किया गया, लेकिन 9 जून 2026 को रितब्रता ने 58 से अधिक विधायकों का समर्थन दावा किया और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें विपक्ष का नेता मान लिया। अब पार्टी पर असली नियंत्रण किसका होगा, ममता गुट का या बागी गुट का, यह सवाल Election Commission तय करेगा। बंगाल की राजनीति में यह नया मोड़ देशभर की नजर खींच रहा है।