Street Vendors : नोएडा में फुटपाथों की बदहाल स्थिति को उजागर करती विशेष सीरीज 'कहां गए फुटपाथ' के अंतर्गत इस बार सेक्टर-1 गोलचक्कर से लेकर सेक्टर-40 आगाहपुर तक की वास्तविक स्थिति सामने आई है। इस व्यस्त मार्ग पर फुटपाथों का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है और अतिक्रमण इस हद तक बढ़ गया है कि लोगों के लिए पैदल चलना कठिन हो गया है। कहीं ठेलों ने पूरे रास्ते को ब्लॉक कर दिया है, तो कहीं बड़े शोरूम और दुकानों के मालिकों ने अपना सामान सड़क पर रखकर फुटपाथों को घेरा हुआ है। कई मुख्य स्थानों पर ये फुटपाथ पूरी तरह से अवैध पार्किंग में बदल चुके हैं, जहां दिन-रात गाड़ियां और दोपहिया वाहन खड़े मिलते हैं। हालात इतने खराब हैं कि महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर तेज गति वाले ट्रैफिक के बीच मुख्य सड़क पर चलने के लिए विवश होना पड़ रहा है। रजनीगंधा अंडरपास तक भीड़भाड़ इस दुर्दशा का उदाहरण सेक्टर-15 नया बांस की ओर साफ दीखता है , जहां फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी और शोरूम के संचालकों का कब्जा है। इससे आगे बढ़ने पर सेक्टर-2 में एचसीएल (HCL) कंपनी के सामने स्थायी दुकानें चल रही हैं। स्थिति और गंभीर हो जाती है जब राहगीर सेक्टर-2 रजनीगंधा अंडरपास के पास पहुंचते हैं, जहां फुटपाथ जैसा कुछ नहीं बचा , जिससे लोग वाहनों के सामने चलने को मजबूर हो जाते हैं। शहर का सबसे बड़ा और खतरनाक अतिक्रमण सेक्टर-27 अट्टा मार्केट में दिखाई देता है। यहां पूरे फुटपाथ पर व्यापारी होते हैं। मोटर मार्केट अतिक्रमण फुटपाथों को पूरी तरह से समाप्त करने का अगला खेल सेक्टर-28 के मोटर मार्केट में हो रहा है। यहां फुटपाथों को वर्कशॉप में बदल दिया गया है, जहां कार मेंटेनेंस, कार बिक्री और मोटर मैकेनिक की दुकानों का भारी संचालन हो रहा है। ऐसी ही खतरनाक स्थिति पुलिस चौकी से लेकर छलेरा कट तक देखने को मिल रही है, जहां बीच-बीच में फुटपाथ पूरी तरह गायब हैं और बचे स्थान का उपयोग डग्गामार बसों के संचालन तथा अवैध पार्किंग के लिए किया जा रहा है। वहीं, सीरीज के अंतिम पड़ाव यानी सेक्टर-40 आगाहपुर एलिवेटेड रोड के पास तो फुटपाथ बनाने की परेशानी भी नहीं उठाई गई है। फुटपाथों के इस तरह से लुप्त होने से इस पूरे रूट पर हर वक्त गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ये भी पढ़े : आधुनिक लाइब्रेरी से बदलेगा पढ़ाई का अंदाज़, ग्रेनो में बनेंगी 3 लाइब्रेरी